अभंग राग
गुरुवार, 29 दिसंबर 2011
अभंग यानि जो भंग न हो . जीवन और कविता कभी भंग नही होते . जीवन राग को उसके तमाम संवेदनो के साथ कविता ही सहेजती है .इस ब्लॉग पर उन कविताओ को ही सहेजने का रचनात्मक प्रयास किया जायेगा .मनोज
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