बुधवार, 8 फ़रवरी 2012

सीधी है भाषा बसंत की 

कभी आँख ने समझी 
कभी कान ने पायी
कभी रोम रोम से 
प्राणों में भर आयी
और है कहानी दिगंत की 

नीले  आकाश में 
नयी ज्योति छा गयी 
कब से प्रतीक्षा थी 
वही बात आ गयी 
एक लहर फैली अनंत की 

'ताप के ताये हुए दिन में' कवि त्रिलोचन का बसंत 

रविवार, 5 फ़रवरी 2012

महमूद दरवेश की एक कविता 

जब मिटटी थे मेरे शब्द 
मेरी दोस्ती थी गेंहू की बालियों से 

जब क्रोध  थे मेरे शब्द 
जंजीरों से दोस्ती थी मेरी 

जब पत्थर  थे मेरे शब्द 
मैं लहरों का दोस्त हुआ 

जब विद्रोही हुए  मेरे शब्द 
भूचालों से दोस्ती हुई मेरी 

जब कडवे सेब मेरे शब्द 
मैं आशावादियों का दोस्त हुआ 

पर जब शहद बन गये मेरे शब्द 
मख्खियों ने मेरे होंठ घेर लिए .

"पहल" के दरवेश विशेष अंक से 

शनिवार, 4 फ़रवरी 2012

लोकेश की कविता

सडकों पे बिकता इंसान
खोलोगे कब लब
अरे अब नहीं तो कब हो बहना...अब नहीं तो कब?
अब नहीं तो कब हो भैया...अब नहीं तो कब?


शिक्षा की है सजी दुकान
सपनों के महके पकवान
खाली अपनी जेब, ऊँचे उनके दाम
खोलोगे कब लब?
अरे अब नहीं तो कब हो बहना...अब नहीं तो कब?
अब नहीं तो कब हो भैया...अब नहीं तो कब?


अमरीका से आए डॉलर
सूद-नफे की खाए डॉलर
कंगला हमे बनाए डॉलर
खोलोगे कब लब?
अरे अब नहीं तो कब हो बहना...अब नहीं तो कब?
अब नहीं तो कब हो भैया...अब नहीं तो कब?


पैसा नहीं तो कर्जा लो
घर बेंचो, खेतों को गिरवी रख दो
पूंजीपतियों की जेबें भर दो
खोलोगे कब लब?
अरे अब नहीं तो कब हो बहना...अब नहीं तो कब?
अब नहीं तो कब हो भैया...अब नहीं तो कब?
 

लोकेश    lokeshmaltiprakash@gmail.com

लोकेश की कविता


सडकों पे बिकता इंसान
खोलोगे कब लब
अरे अब नहीं तो कब हो बहना...अब नहीं तो कब?
अब नहीं तो कब हो भैया...अब नहीं तो कब?


शिक्षा की है सजी दुकान
सपनों के महके पकवान
खाली अपनी जेब, ऊँचे उनके दाम
खोलोगे कब लब?
अरे अब नहीं तो कब हो बहना...अब नहीं तो कब?
अब नहीं तो कब हो भैया...अब नहीं तो कब?


अमरीका से आए डॉलर
सूद-नफे की खाए डॉलर
कंगला हमे बनाए डॉलर
खोलोगे कब लब?
अरे अब नहीं तो कब हो बहना...अब नहीं तो कब?
अब नहीं तो कब हो भैया...अब नहीं तो कब?


पैसा नहीं तो कर्जा लो
घर बेंचो, खेतों को गिरवी रख दो
पूंजीपतियों की जेबें भर दो
खोलोगे कब लब?
अरे अब नहीं तो कब हो बहना...अब नहीं तो कब?
अब नहीं तो कब हो भैया...अब नहीं तो कब?


लोकेश  lokeshmaltiprakash@gmail.com